‘बेलसोनिका कर्मचारी संघ’ का धरना

09 Jul 2024 • फासीवादी हमलों के खिलाफ संघर्ष के लिए आगे आओ!

दो दिसम्बर 2024 को ‘मजदूर सहायता समिति’ और मासा के साथी हरियाणा के गुरुग्राम स्थित लघु सचिवालय मे ‘बेलसोनिका ऑटो कम्पोनेंट इंडिया कर्मचारी संघ’ के धरने को अपना समर्थन देने गये। उन्होंने धरने का कारण जानने के लिए बेलसोनिका कर्मचारी संघ के लीडर से बात की जिसकी संक्षिप्त रिपोर्टिंग यहाँ पेश की जा रही है।

बेलसोनिका एक टियर–वन कम्पनी है जो मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के लिए पार्ट (चेसिस) बनाती है। फिलहाल, इस कम्पनी की बेलसोनिका मजदूर यूनियन धरने पर बैठी है। यूनियन के लीडर ने हमें बताया कि 23 सितम्बर 2023 को श्रम विभाग ने जबरन हमारी यूनियन का पंजीकरण रद्द कर दिया। श्रम विभाग की इस मनमानी का हमारी यूनियन विरोध कर रही है। उन्होंने बताया कि कम्पनी मैनेजमेंट लम्बे समय से मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रहा है। लेकिन मजदूर यूनियन उनके सामने डटकर खड़ी है और हार मानने के लिए तैयार नहीं है। इससे चिढ़कर कम्पनी मैनेजमेंट यूनियन को ही खत्म करने पर आमदा है। इस काम में शासन–प्रशासन भी कम्पनी मैनेजमेंट के साथ खड़ी है।

यूनियन लीडर ने बताया कि मौजूदा विवाद एक ठेका कर्मचारी को यूनियन सदस्य बनाने को लेकर शुरू हुआ था। कम्पनी मैनेजमेंट नहीं चाहता है कि ठेका मजदूर इस यूनियन से जुड़ जायें और वे भी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना शुरू कर दें। जिस कारण कम्पनी मैनेजमेंट ने ठेका मजदूर को यूनियन में शामिल करने पर सख्त आपत्ति जतायी। साथ ही प्रबन्धन ने 23 अगस्त 2022 को रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन, हरियाणा को पत्र लिखकर ठेका मजदूरों को शामिल करने पर ऐतराज जताया और माँग की कि यूनियन का पंजीकरण रद्द कर दिया जाए। श्रम आयुक्त–सह–रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन कार्यालय ने यूनियन को एक पत्र जारी कर इस विषय में यूनियन से जवाब माँगा।

28 सितम्बर 2022 को यूनियन ने जवाब भी दिया कि ट्रेड यूनियन अधिनियम के तहत ठेका मजदूरों को भी यूनियन का सदस्य बनाया जा सकता है। ट्रेड यूनियन अधिनियम स्थायी और अनुबन्ध (ठेका) मजदूरों के बीच अन्तर नहीं करता है जो यूनियन के ‘साधारण सदस्य’ बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं वे सदस्य बन सकते हैं। बेलसोनिका यूनियन ने उसी का पालन किया। साथ ही यूनियन ने श्रम विभाग को 2021 में दिया हुआ उसी का फैसला भी याद दिलाया जिसमें साफ तौर पर यह कहा गया था कि बेलसोनिका कम्पनी में काम करने वाले किसी भी कर्मचारी को यूनियन की सदस्यता दी जा सकती है।

26 दिसम्बर 2022 को फिर से श्रम आयुक्त ने यूनियन की स्थिति पर असन्तोष व्यक्त करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए 60 दिन का समय दिया और साथ ही पंजीकरण रद्द करने की धमकी भी दी। 27 फरवरी 2023 को यूनियन ने श्रम विभाग को जवाब दिया, यह दोहराते हुए कि सभी कर्मचारी सामान्य सदस्य बन सकते हैं।

इसके बावजूद, 23 सितम्बर 2023 को श्रम विभाग ने बड़ी बेशर्मी से मालिकों के पक्ष में खड़े होकर यूनियन का पंजीकरण रद्द कर दिया। इस फैसले के पीछे यह तर्क दिया कि ठेका कर्मचारी ठेकेदार का कर्मचारी था न कि बेलसोनिका का। इसलिए ठेका मजदूर बेलसोनिका श्रमिक संघ के सदस्य नहीं बन सकते। अपने आदेश से, श्रम विभाग, मानेसर–गुड़गाँव बेल्ट में बेलसोनिका और पूरे ऑटोमोबाइल क्षेत्र के ज्यादातर मजदूरों को सामूहिक रूप से संगठित होने और अपने अधिकारों की माँग करने के अधिकार से वंचित करता हुआ और मालिकों के साथ खड़ा नजर आया है।

यूनियन का पंजीकरण रद्द होने के बाद कम्पनी मैनेजमेंट ने मजदूर नेताओं पर हमला तेज कर दिया है। प्रबन्धन ने तीन यूनियन पदाधिकारियों को तत्काल बर्खास्त कर दिया जो अभी तक कम्पनी में काम कर रहे थे। मजदूरों पर इस हमले के खिलाफ बेलसोनिका मजदूर यूनियन धरने पर बैठी हुई है। यूनियन लीडर ने हमें अपनी माँगों के बारे मे बताते हुए कहा कि यूनियन का पंजीकरण रद्द करने के हरियाणा श्रम विभाग के आदेश को वापस लिया जाये। बेलसोनिका ट्रेड यूनियन का संविधान, जो सभी मजदूरों को सामान्य सदस्यों के रूप में संघ में शामिल होने की अनुमति देता है उसको बरकरार रखा जाये और अनुबन्ध (ठेका) मजदूरों की सदस्यता को पंजीकरण रद्द करने का कारण न बनाया जाये। साथ ही यूनियन के सभी बर्खास्त और निलम्बित कर्मचारियों को तुरन्त बहाल किया जाये और कम्पनी मनमाने ढंग से बर्खास्तगी और निलम्बन की नीति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगे।

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