इस अंक के लेख

इतिहास

अगस्त क्रान्ति की अमर कहानी

 “अगस्त क्रान्ति” मेहनतकश जनता के संघर्षों की वीर गाथा है। एक ऐसा विद्रोह जिसने अंग्रेजों को ही नहीं बल्कि अत्याचारी जमींदारों, राजाओं और कारखाना मालिकों को नाकों चने चबाने के लिए मजबूर कर दिया। ......

चार श्रम संहिता

मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं का विरोध क्यों करें?

2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान उद्योगपतियों के संगठन फिक्की ने मुख्य चुनावी पार्टियों के सामने यह प्रस्ताव रखा था कि श्रम कानूनों को लचीला किया जाये। उनकी मंशा साफ थी कि मजदूरों की सहुलियतों में भारी क......

भूमिका

कोरोना महामारी के समय मजदूरों के हकों पर हमला

कोरोना महामारी का बहाना बनाकर देश के कई राज्यों ने श्रम कानूनों में बदलाव करके मजदूरों पर हमला बोल दिया गया है। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार सबसे आगे है। योगी सरकार ने 38 श्रम कानूनों में से लगभग 35 श्रम ......

कविता

निवाला

माँ है रेशम के कारखाने में बाप मसरूफ सूती मिल में है कोख से माँ की जब से निकला है बच्चा खोली के काले दिल में है जब यहाँ से निकल के जाएगा कारखानों के काम आयेगा अपने मजबूर पेट की खातिर भूक सरमाये......

अंधविश्वास और तर्कशीलता

अंधविश्वास छोड़ वैज्ञानिक नजरिया अपनाओ

मथुरा के पास एक गाँव है–– ऊँचा खेड़ा। वहाँ एक ‘श्याम बाबा’ आसपास के इलाके में अचानक मशहूर हो गये। मशहूर होने की वजह थी एक अफवाह। हुआ कुछ यूँ कि एक खबर उड़ी कि श्याम बाबा का नियमित व्रत रखने और सुबह–सु......

कविता

भूखों की रोटी हड़प ली गयी है

भूखों की रोटी हड़प ली गयी है भूल चुका है आदमी मांस की शिनाख्त व्यर्थ ही भुला दिया गया है जनता का पसीना। जय पत्रों के कुंज हो चुके हैं साफ। गोला बारूद के कारखानों की चिमनियों से उठता है धुआँ। –– ......

इतिहास

खड़गपुर रेलवे मजदूरों की हड़ताल : मजदूर संघर्षों के इतिहास का चमकता पन्ना

आज से लगभग सौ साल पहले, 1926 में खड़गपुर के रेलवे मजदूरों ने अपने अधिकारों के लिए एक शानदार संघर्ष किया था। उनके इस संघर्ष ने पूरी दुनिया को बता दिया था कि भारत का मजदूर वर्ग एक बड़ी ताकत बन चुका है औ......

मजदूर एकता पुस्तिका-4

टेनिस बॉल बनाने वाले मजदूर का सर्वे

आपने बच्चों को बॉल (गेंद) से तो खेलते देखा ही होगा, वे या तो क्रिकेट की या फिर टेनिस की बॉल से खेलते हैं। टेनिस की बाल से खेलकर कई खिलाड़ी अपने साथ ही देश का भी नाम रोशन करते हैं। उनके मैच को देखते हु......

मजदूर एकता पुस्तिका-4

मजदूर–समाचार (सितम्बर 2022)

मैनेजमेंट की गलती के कारण एक मजदूर की कुचल कर मौत बीते दिनों रेवाड़ी जिले के बावल औद्योगिक इलाके में स्थित रीको कम्पनी में सत्येन्द्र सिंह नाम के ठेका मजदूर की दर्दनाक मौत हुई। इस कम्पनी में एक हजार ......

दुर्घटना

फैक्ट्रियाँ बनी मजदूरों की जान की दुश्मन

मजदूरों के लिए फैक्ट्री में काम करना बेहद खतरनाक होता जा रहा है। देश भर में फैक्ट्रियों में होने वाली दुर्घटनाएँ इस बात की गवाह हैं। इन दुर्घटनाओं में मजदूर घायल हो जाते हैं, या अपना कोई अंग खो बैठते ......

कहानी

नौकर

जेराशिम ऐसे समय मास्को शहर में लौटकर आया जब कोई नौकरी मिलना बहुत कठिन था। क्रिसमस–त्योहार का केवल एक महीना रह गया था। इस समय कुछ इनाम पाने की उम्मीद से सब अपनी–अपनी नौकरी पर लगे रहते हैं, चाहे वह नौकर......

उत्तरदायित्व

मजदूर जागरूक कैसे हों?

पिछले लेख में हमने देखा कि अगर मजदूर वर्ग अपनी गुलामी से छुटकारा पाना चाहता है तो इस अन्यायपूर्ण पूँजीवादी व्यवस्था को बदलकर एक न्यायपूर्ण व्यवस्था की स्थापना करना लाजिमी है। इस काम के लिए हर मजदूर का......

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