हम जानते हैं कि दुनिया भर की सारी निर्मित सम्पत्ति जैसे–– मकान, कपड़ा, घर के सारे सामान, आदि उन्हें मजदूरों ने ही बनाया है। जिस सड़क पर हम चलते हैं, जो सामान दुकानों में बिकते हैं, सभी को मजदूरों ने ह......
ब्रांडेड कपड़ों, जूतों आदि के दाम हमें चैंका देते हैं। हमारा मकसद इन ब्रांडेड चीजों के दामों की लिस्ट बताना नहीं है। फिर भी क्या आपने कभी 5 लाख 24 हजार रुपये की जिन्स या 2 लाख 19 हजार रुपये की जैकेट य......
दुनिया को बदलने के लिए, सबसे पहले हमारे पास उस दुनिया के बारे में कम से कम एक सामान्य विचार होना जरूरी है, जिसमें हम जीना चाहते हैं, और दूसरा, हमें यह जानने की जरूरत है कि ऐसी दुनिया को अस्तित्व में क......
‘ओ साहिब जी, एक भूखे बेचारे पर दया कीजिए। तीन दिन का भूखा हूँ। रात बिताने के लिए जेब में एक पैसा भी नहीं। पूरे आठ साल तक गाँव के एक स्कूल में मास्टर रहा। बड़े लोगों की बदमाशी से नौकरी चली गयी। जुल्म क......
लकड़ी की चम्मच का इस्तेमाल हर किसी ने किया होगा, जैसे शादी–विवाह में चाट, रसगुल्ले खाने के लिए। हम इन चम्मचों का एक बार उपयोग करके कूड़ेदान में डाल देते हैं। कूड़ेदान में जाते ही इन चम्मचों की कहानी क......
काम के दौरान मजदूर हो रहे हैं दुर्घटनाओं का शिकार एक सरकारी संस्था है–– ‘श्रम और रोजगार मंत्रालय के महानिदेशालय, फैक्ट्री सलाह सेवा और श्रम संस्थान’। इसने एक आरटीआई के जवाब में कम्पनियों के अन्दर सुर......
....मजदूर वर्ग ही दुनिया का निर्माण करने वाला है और जो दुनिया का निर्माण सकता है, तो वह उसे बदल भी सकता है। ......
मजदूरों की खराब हालत उन्हें प्रेरित करती है कि वे अपनी जिन्दगी को बेहतर बनायें। कुछ मजदूर अधिक मेहनत करके ज्यादा पैसे कमाकर अपनी जिन्दगी सुधारना चाहते हैं। वहीं, कुछ मजदूर अपने मालिक से लड़–झगड़कर अपना ......
...नौजवान मजदूर इस जिम्मेदारी से डरते नहीं। वे इसे स्वीकार करते हैं। समाज बदलने के लिए अपनी निजी जिन्दगी को पीछे रखते हैं।... मजदूरों को आपसी भेदभाव मिटाकर एका करके शोषण और अन्याय के खिलाफ लड़ना चाहिए।.......
... अब हम इतिहास की ऐसी ही एक घटना से रूबरू होंगे। एक ऐसी घटना जहाँ मजदूरों ने अपनी संगठित ताकत के बल पर दुनिया में पहली बार 8 घण्टे के कार्यदिवस का कानून बनाने पर सरकार को मजबूर कर दिया था। इतिहास में इस घटना को ‘‘मई दिवस’’ के नाम से जानते हैं।......
महामारी के आड़ में भाजपा सरकार ने बहुत ही जल्दबाजी में मजदूर विरोधी नया लेबर कोड बिल लागू कर दिया। हर मालिक मुनाफा कमाने की होड़ में मजदूर को निचोड़ने के लिए तैयार है। पिछले सालों से मालिक की मुनाफे क......
यदि तुम्हें , धकेलकर गाँव से बाहर कर दिया जाय पानी तक न लेने दिया जाय कुएँ से दुत्कारा फटकारा जाय चिल–चिलाती दोपहर में कहा जाय तोड़ने को पत्थर काम के बदले दिया जाय खाने को जूठन तब तुम क्या करो......
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